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शुक्रवार, 2 जनवरी 2009

अलविदा 008

आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रवाद
चेला : आतंकवाद किसे कहते है?
उस्ताद : मुसलमान बम फोड़े तो उसे आतंकवाद कहते हैं।
चेला : राष्ट्रवाद किसे कहते है?
उस्ताद : हिन्दू बम फोड़े तो उसे राष्ट्रवाद कहते हैं।

राष्ट्रवाद के खिलाफ देशभक्ति
चेला :
राष्ट्रवादी कौन होते है?
उस्ताद : प्रतियोगी राष्ट्रो के मुकाबले अपने राष्ट्र विशेष की श्रेष्ठता के दावे को मजबूत करने के खातिर राष्ट्रपिता को गोली मार देश को अनाथ बनाने का पराक्रम दिखाने वाले राष्ट्रवादी होते है।
चेला : ये देशभक्त कौन होते है?
उस्ताद : साम्राज्यवाद-सांप्रदायवाद की शोषण आधारित व्यवस्था को चुनौती पैश कर मातृ अथवा पितृभूमि को गुलामी की जंजीरो से मुक्त कराने के खातिर हसते-हसते फासी का फंदा चूमने वाले – सीने पर गोली खाने वाले देशभक्त होते है।

बस वोही घर चला रहा है
चेला : क्यो उस्ताद कैसे हो?
उस्ताद : अब क्या बताये …
उस्ताद : छोटा भाई शेयर ब्रोकर है …
उस्ताद : एक भतीजा जेट में था, तो दूसरा रिलायंस रिटेल में…
उस्ताद : बडा बेटा इंजिनियरिंग कर रहा है सत्यम में कैंपस प्लेस्ड हुआ है…
चेला : बहुत बुरा हुवा उस्ताद! पर अब घर कौन चला रहा है?
उस्ताद : सबसे छोटा पानवाला है …
उस्ताद : बस वोही घर चला रहा है।

5 टिप्‍पणियां:

Bahadur Patel ने कहा…

achchha vyang hai. badhai.

प्रदीप कांत ने कहा…

उस्ताद : एक भतीजा जेट में था, तो दूसरा रिलायंस रिटेल में…
उस्ताद : बडा बेटा इंजिनियरिंग कर रहा है सत्यम में कैंपस प्लेस्ड हुआ है…
चेला : बहुत बुरा हुवा उस्ताद! पर अब घर कौन चला रहा है?
उस्ताद : सबसे छोटा पानवाला है …
उस्ताद : बस वोही घर चला रहा है।

The bset satire

परेश टोकेकर 'कबीरा' ने कहा…

मित्रो ये हमारे समय की सबसे बडी विडंबना है कि श्रमसाध्य रोजगार को हेय दृष्टी से देखा जाता है जबकि बैठे ढाले करोडो इधर उधर करता, शेयर बाजार सट्टेबाज निठल्ला राजू हमारे नवयुवको का हीरो है।
दोस्तो हमें तो उस समय का इंतजार है जब मेहनत मजूरी करने वाला खायेगा, उसके श्रम की इज्जत की जायेगी।

anil yadav ने कहा…

भारतीय कम्युनिष्ट नंगे भूखे ही रहेंगे....हमेशा पान बेचने में ही लगे रहेंगे....चन्द्रयान के जमाने में भी इन्हें बैलगाड़ी से ही प्यार है.....

Suman ने कहा…

good