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शुक्रवार, 7 मार्च 2008

गाजा का दम घुट रहा है

सबसे खतरनाक होता है
मुर्दा शांति से भर जाना
न होना तड़प का, सब कुछ सहन कर जाना
हमारे सपनों का मर जाना
"पाश"
अविनाश जी, जब-जब गाजा की खबर आती है जेह़न सिहर उठता हैं, खून खौलने लगता है, रोंगटे खडे हो जाते है। एक तरफ पेट्रो डालर के नशे में चुर सनकी बुश के नियोकानियो की नये सहस्त्राब्दी में अमेरिकी बुलंदी के मंसुबो ने तो दुसरी तरफ बुश के झायनवादीयों के मध्य-पूर्व के नक्शे को 2000 वर्ष पुराने नक्शे में तब्दील करने की सनक ने दुनिया को बारूद के ढेर में तब्दील कर दिया है। गाजा क्या है दुनिया की एक विशाल जेल, जिसे अपने ही देश से काट दिया गया है, जिसकी सभी सीमाये सील कर दी गयी है, बाहर से न दवाईया अंदर जा सकती है, न पानी, न खाना। चाहे जो मजबुरी हो गाजावासी गाजा के बाहर जीने के लिये अतिआवश्यक न्यूनतम वस्तुओ के इंतजाम के लिये नहीं जा सकते। सारी दुनिया के सामने एक देश के सभी बांशिदो को मारने की साजिश चल रहीं है, जिसे विश्व आका अमेरिका की शह है। पुरी दुनिया चुप है हम भी चुप है। अत्यंत दुखद है कि समस्त मुक्ति आंदोलन का समर्थक हमारा प्यारा भारत, अमेरिका के लालीपाप के चलते इसरायल जैसे उद्दंड राष्ट्र के साथ सयुक्त नौसेना अभ्यास कर रहा है, हथियार खरीद रहा है। शर्म करो भारतीयो, भुमंळलीयकरण की चकाचौंध में तुम अपना अतीत भुल रहे हो। भूल गये क्या अंग्रजी राज को? क्या गाजा के बच्चो-बुढो को इलाज करवाने का अधिकार नहीं है? बच्चो युवाओ को पढने का अधिकार नहीं है? अरे इन सब बकवास बातो को छोडीये क्या गाजा के बांशिदो को दुनिया में जीने का न्युनतम अधिकार भी नहीं है? आडवाणी जी माफ किजीये, हमें नही अपनानी इसरायल की नितीया, मनमोहन सिंह जी होश में आइये, क्या इसरायल जैसो का अनुसरण करने के लिये हमने आजादी की लडाई लडी? हम सब महमूद दरवेश के हत्यारे है, फलिस्तीन के हत्यारे है, मानवता के हत्यारे है। अब पानी सर पर से गुजर गया है अगर अब भी हमारा खुन नहीं खौला तो आने वाला कल हमपर लानत भेजेगा। ब्लाग पर विरोध प्रदर्शित कर हम कोई क्रांति नहीं कर सकते है इससे इसरायल जैसे साम्राज्यवादी उद्दंड राष्ट्र को कोई फरक नहीं पडने वाला। लेकिन कम से कम इसरायल-अमेरिका की करतूत के विरूद्ध जनमत तैयार करने की छोटी सी कोशिश तो हम कर ही सकते है।
इस टिप्पणी के साथ जनवादी लेखक संघ इन्दौर वादा करता है कि जब तक फलिस्तीन आजाद न होजाये तब तक "गाजा" की आवाज अपने ब्लाग पर बुलंद करता रहेंगा।
फलिस्तीन जनता जिंदाबाद
साम्राज्यवाद मुर्दाबाद