अरब जगत के महानतम कवियों में से एक माने जाने वाले फिलिस्तीन के आशिक महमूद दरवेश 9 अगस्त 2008 को इस जहाँ से कूच कर गये। 13 मार्च 1942 को बारवा, फिलिस्तीन (अब इसराइल) में एक जमीदार सुन्नी परिवार में जन्में दरवेश 'फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन' में शामिल होने से पूर्व इसराइली कम्युनिस्ट पार्टी 'रकाह' के सदस्य थे। युवा दरवेश को अपनी राजनितीक गतिविधीयो व सार्वजनिक रूप से फिलिस्तीन के समर्थन में कविता लिखने व पढने के कारण कई दफा गिरफ्तार कर कारागार में बंद किया गया। इब्न सीना पुरस्कार, लेनिन शांति पुरस्कार, अफ्रो-एशियन लेखक संघ के लोटस पुरस्कार, फ्रांस के नाईट आफ द आर्टस एंड लेटर्स मेंडल, सांस्कृतिक आजादी के लिये लेनान फाउंडेशन अवार्ड व सोवियत संघ के स्टालिन शांति पुरस्कार सहित अनेको अवार्डो से नवाजे दरवेश का काम लगभग 20 भाषाओ में प्रकाशित किया जा चुका है। आप फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन के मासिक जर्नल के संपादक भी रहे। 1987 में दरवेश को पीएलओ की कार्य समिति का सदस्य चुना गया, 1993 में ओस्लो करार के विरोध में आपने अपना इस्तीफा दे दिया।
सारी उम्र फिलिस्तीन जनगण की मुक्ति की आवाज बुलंद करने वाले आजादी के इस आशिक को लाल सलाम।
(पोर्टेट - इस्माइल शेमूत)