फैज़ याने एशिया का नेरूदा या नेरूदा याने लैटिन अमरीका का फैंज! सर्वहारा के सुर्ख लाल झंडे पर चमकते दो प्यारे सितारे। फैज़ और नेरूदा की रचनाये देशकाल से निकलकर अपने फन के दायरे में पुरी दुनिया को समा लेती हैं। दोनो ने कलम के साथ-साथ अपने कर्म से भी ताउम्र सर्वहारा की आवाज बुलंद की, जिसकी सजा साम्राज्यवाद के नुमांईदो ने इन्हें सलाखो के पिछे डालकर दि।
फैज़ निर्विवाद रूप से कान्टीनेन्ट के लिजेंन्डरी आईकान है, साथ ही फैज़ कान्टीनेन्ट की उस प्रोग्रेसीव रवायत के झंड़ाबरदार रहे है जिसकी तवारीख में अहमद फराज़, कैफी आजमी, हबीब जालिबी, मुक्तिबोध, पाश, धुमिल, अली सरदार जाफरी, इब्ने इंशा जैसे बुलंद शायर कवीयों ने तो किस्सागोई की दुनिया से मुंशी प्रेमचंद जैसे अदीबो ने अपनी नुमांईदगी दर्ज करायी। फैज़ आज भी उस कड़ी का नाम है जो एक तरफ सरहदो में पटे पड़े, एक दुसरे के खुन के प्यासे कान्टीनेन्ट को जोड़ता है तो दुसरी तरफ सरमायादारों की लुट की हवस को चुनौती देते हुवे सर्वहारा को उम्मीद-ए-सहर की बात सुनाता है।
सर्वहारा के शायर को 99वी सालगिरह पर लाल सलाम!اُمیدِ سحر
جگر دریدہ ہوں چاکِ جگر کی بات سنو
اُمیدِ سحر کی بات سنو
الم رسیدہ ہوں دامانِ تر کی بات سنو
اُمیدِ سحر کی بات سنو
زباں بریدہ ہوں زخمِ گلو سے حرف کرو
اُمیدِ سحر کی بات سنو
شکستہ پا ہوں ملالِ سفر کی بات سنو
اُمیدِ سحر کی بات سنو
مسافرِ رہِ صحرائے ظلمتِ شب سے
اب التفاتِ نگارِ سحر کی بات سنو
سحر کی بات، اُمیدِ سحر کی بات سنو
उम्मीद-ए-सहरजिगर दारीदा हूँ, चाक-ए-जिगर कि बात सुनोउम्मीद-ए-सहर कि बात सुनोअलम रसीदा हूँ, दामन-ए-तर कि बात सुनोउम्मीद-ए-सहर कि बात सुनोज़ुबा बुरीदा हूँ, ज़ख्म-ए-गुलू सेय हर्फ करोउम्मीद-ए-सहर कि बात सुनोशिकस्ता पा हूँ, मलाल-ए-सफर कि बात सुनोउम्मीद-ए-सहर कि बात सुनोमुसाफिर-ए-रह-ए-सेहरा-ए-ज़ुल्मत-ए-शब सेअब इल्तफात-ए-निगार-ए-सहर कि बात सुनोसहर कि बात, उम्मीद-ए-सहर कि बात सुनो
Listen to the hope of new drawnMy heart is tornHear the wounds of my heartlisten to the hope of new dawnim stricken with grieflisten to my being soaked with tearslisten to the hope of new dawnMy tongue is dry im unable to talktalk to my gaping woundslisten to the hope of new dawnMy feet are tiredListen to the sorrow of my journeyListen to the hope of new drawnfrom the one who travel in the dark desert of tyrannyhear him speak of the beauty of drawnhope of a new drawnmy heart is tornhear the wounds of my heartlisten to the hope of new drawnim stricken with grieflisten to my being soaked with tearslisten to the hope of new drawnMy tongue is dry im unable to talktalk to my gaping woundslisten to the hope of new dawnMy feet are tiredListen to the sorrow of my journeyListen to the hope of new drawn(अंग्रेजी अनुवाद पाकिस्तानी बैंड़ 'लाल' के सौजन्य से! लाल बैंड़ ने दो वर्ष पुर्व फैज़, जालिबी व अन्य तरक्कीपसंद शायरों के गीतो का एक एलबम निकाला था, जिसे अच्छी खासी शोहरत हासिल हुवी।)